SoftBrownModernRipInstagramPost12-ezgif.com-resize
Loading ...

Baglatd

प्राण प्रतिष्ठा- गूलर की लकड़ी पर

विनियोग – ॐ अस्य श्री प्राण प्रतिष्ठा मन्त्रस्य ब्रह्मा विष्णु रुद्रा ऋषयः ऋग्य जुसामानिच्छन्दासि, पराssख्या प्राण शक्ति देवता आं बीजं, ही शक्तिः, क्रों कीलकम् मम शत्रु ( …….) प्राण प्रतिष्ठापने विनियोगः । (जल भूमि पर डाल दे )

ऋष्यादि न्यास-

ॐ अंगुष्ठायो । 

ॐ आं ह्रीं क्रौं अं कं खं गं घं ड़ं आं ॐ हीं वाय वग्नि सलिल

पृथ्वी स्वरूपाददत्मने डंग प्रत्यंगयौः तर्जन्येश्च ।

ॐ आं ह्रीं क्रौं इं छं जं झं ञं ई परमात्य पर सुगन्धा ssत्मने शिरसे स्वाहा मध्यमयोश्च ।

ॐ आं ह्रीं क्रौं डं टं ठं डं ढं णं ॐ श्रोत्र त्व क्चक्षु-जिव्हा धाणाssत्यने शिखायै वषट् अनामिकयोश्च ।

ॐ आं ह्रीं क्रों एं

थंदं धं नं प्राणात्मने-कवचाय हुं कनिष्ठिकयोश्च।

ॐ आं ह्रीं क्रों पं फं बं भं मं वचना दान गमन विसर्गा नन्दाssत्मने औं नेत्र त्रयाय वौषट

ॐ आं ह्रीं क्रौ अं यं रं लं वं शं षं सं हं क्षं अः मनो बुद्धय हंकार चित्मssमने अस्त्राय फट् ।

इस प्रकार न्यास कर गूलर की लकड़ी पर बनाई गई आकृति के हृदय स्थान पर स्पर्श करते हुए यह मंत्र पढ़े-

ॐ आं ह्रीं क्रौ यं रं लं

ॐ आं ह्रीं क्रौ यं रं लं वं

ॐ आं ह्रीं क्रौ यं रं लं वं

शं षं सं हों हं सः बगलायः प्रणा इह प्राणाः ।

शं षं सं हों हं सः (शत्रु नाम) जीव इह स्थितः। 

शं षं सं हों हं सः (शत्रु नाम )


सर्वेन्द्रियाणि इह स्थितानि । ॐ आं ह्री क्रौ यं रं लं वं शं षं सं हों हंसः (शत्रु नाम) वाडमनश्चक्षु- श्रोत्र-धाण-प्राणा इहागत्य सुखं चिरं तिष्ठन्तु स्वाहा ।

तदोपरान्त हवन प्रारम्भ कर इसे हवन कुड़ में रखे ।

शत्रु की क्रिया को उसी पर लौटाने हेतु हवन सामग्री – अपा मार्ग की समिधा हल्दी, सफेद सरसों का तिल, राई थोड़ा नमक आदि को प्रयोग करें ।

|| जय माँ बगलामुखी ||

टी.डी. सिंह जी

नवीनतम अनुभव

बगला गायत्री

“ॐ ह्ल्रीं ब्रह्मा अस्त्राय विद्महे स्तम्भन ।  वाणायै धीमहि तन्नो बगला प्रचोदयात्।।” महत्वपूर्ण निर्देश: जप से पूर्व 1 माला करें, जिससे जप में आने वाली विघ्नों से रक्षा होती है। तत्पश्चात् जप प्रारम्भ करें। मूल मंत्र: ॐ ह्ल्रीं बगलामुखि ! सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्ल्रीं ॐ स्वाहा । (नोट: ह्ल्रीं का उच्चारण “ह्ल्ी” किया जाए।) एक लक्ष जप के उपरान्त हवन करें, उसका दशांश तर्पण, मार्जन तथा ब्राह्मण भोज कराएं। हवन सामग्री (प्रारंभिक प्रयोग हेतु): सम्पुटित मंत्र की तीव्रता (स्वास्थ्य लाभ हेतु प्रयोग) मेरे परिचित की रात एकाएक स्वास्थ्य चिंताजनक हो गई। उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाना पड़ा। इधर गुरुजी को फोन लगाया, उन्होंने महामृत्युंजय जप को बगलामुखि के मूल मंत्र

और पढ़ें

बगलामुखी ब्रह्मास्त्र मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं प्रत्यंगिरे मां रक्ष रक्ष मम शत्रून भंजय भंजय फे हुं फट् स्वाहा । ऊँ हटाकर ” हूम् ” लगाकर जप करे ॐ नमो भगवति चामुण्डे नरकंक गृधोलूक परिवार सहिते श्मशानप्रिये नररुधिरमांस चरु भोजन प्रिये ! सिद्ध विद्याधर वृन्द वंदित चरणे बृह्मेशविष्णु वरुण कुबेर भैरवी भैरव प्रिये इन्द्रक्रोध विनिर्गत शरीरे द्वादशादित्य चण्डप्रभे अस्थि मुण्ड कपाल मालाभरणे शीघ्रं दक्षिण दिशि आगच्छ आगच्छ, मानय मानय, नुद नुद, सर्व शत्रुणां मारय मारय, चूर्णय चूर्णय, आवेशय आवेशय, त्रुट त्रुट, त्रोटय त्रोटय, स्फुट स्फुट, स्फोटय स्फोटय, महाभूतान् जृम्भय जृम्भय, ब्रह्मराक्षसान उच्चाटय उच्चाटय, भूत प्रेत पिशाचान् मूर्च्छय मूर्च्छय, मम शत्रुन उच्चाटय उच्चाटय, शत्रून चूर्णय चूर्णय, सत्यं कथय कथय, वृक्षेभ्यः संन्नाशय संन्नाशय अर्क स्तंभय स्तंभय गरुड पक्षपातेन विषं निर्विषं कुरु कुरु, लीलांगालयवृक्षेभ्यः परिपातय परिपातय,

और पढ़ें

माँ के मंदिर हेतु पुण्य दान करें

QR कोड स्कैन करें और दान करें

🙏 धन्यवाद 🙏

आपका यह दान धर्म, भक्ति और सेवा के पवित्र कार्य में सहायक सिद्ध होगा। माँ बगलामुखी आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करें और आपको शक्ति, सफलता व सुरक्षा प्रदान करें।

🔱  जय माँ बगलामुखी  🔱