SoftBrownModernRipInstagramPost12-ezgif.com-resize
Loading ...

Baglatd

ब्रम्हास्त्र बगला कवच

नोट:– पाठ से पूर्व बगला मूल मंत्र का 11 माला व बगला गायत्री का एक माला जप कर लें।

बगला में शिरः पातु ललाटं ब्रह्म संस्तुता ।
बगला में भवो नित्यं कर्णयोः क्लेश हारिणी ।।

त्रिनेत्रा चक्षुषी पातु स्तम्भनी गण्डयो स्तथा ।
मोहिनी नासिका पातु श्री देवी बगलामुखी ।

ओष्ठयो दुर्घरा पातु स्वदन्तेषु चच्चला।
सिद्धान्न पूर्णा जिह्वायां जिह्वाग्रे शारदाम्बिका । ।

अकल्मषा मुखे पातु चिबुके बगलामुखी ।

घीरा में कण्ठदेशे तु कण्ठाग्रे काल कर्षिणी ।

शुद्ध स्वर्ण निभा पातु कण्ठ मध्ये तथाऽम्बिका ।
कण्ठ मूले महाभोगा स्कन्धौ शत्रु विनासिनी ।

भुज में पातु सततं बगला सुस्मिता परा ।
बगला में सदा पातु कूर्परे कमलोदवा । ।

बगलाऽम्बा प्रकोष्ठौ तु मणि बन्धे महाबला ।
बगला श्री र्हस्तयोश्च कुरु कुल्ला कराङगुलिम ||

नखेषु वज्रहस्ता च हृदये ब्रह्म वादिनी ।
स्तनौ मे मन्द गमना कुक्षयो योगिनी तथा ।।

उदरं बगला माता नाभिं ब्रह्मास्त्र देवता ।
पुष्टिं मुदगर हस्ता च पातुनो देव वंन्दिता । ।


पाश्र्वयोर्हनुमद् वन्द्या प्शु पाश विमोचिनी ।
करौ राम प्रिया पातु उरु युग्मं महेश्वरी । ।


भगमाला तु, गमं में लिङग कामेश्वरी तथा ।
लिंग मूले महाक्लिन्ना वृषणो पातु दूतिका ।।


बगला जानुनी पातु जानुयुग्मं च नित्यशः ।
जङघे पातु, जगद्धात्री गुल्फौ रावण पूजिता ।।


चरणौ दुर्जया पातु पीताम्बा चरणाङ्गुली ।
पाद पृष्ठं पद्महस्ता पादाघ चक्र धारिणी ।।


सर्वाङग बगला देवी पातु, श्री बगलामुखी ।
वाराही मे पूर्वतः पातु माहेशी बहिन भागतः ।।


कौमारी दक्षिणो पात, वैष्णवी स्वर्ग मार्गतः ।
ऊध्र्व पाशघरा पातु, शत्रु जिवा घरा हयघः ।।


रणे राजकुले वादे महायोगे महाभये ।
बगला भैरवी पातु नित्यं क्लींकार रूपिणी । ।


इत्येवं वज्र कवचं महा ब्रह्मास्त्र संज्ञकम् ।
त्रिसन्हयं यः पठेत् घीमान् सर्वैश्वर्य वात्रुयात् ।।

क्रमशः

1. दक्षिण काली और भैरव का विधान किस प्रकार समाप्त करे ।

2. जिन्न को कैसे नष्ट किया जाए।

3. गडन्त को कैसे नष्ट किया जाए।
4. कृत्या को कैसे समाप्त करें।

5. दुष्ट ब्रह्मराक्षस पर भगवती पीताम्बरा के मंत्रों का चमत्कार।

|| जय माँ बगलामुखी ||

टी.डी. सिंह जी

नवीनतम अनुभव

भगवती पीताम्बरा की साधना क्यों करें और कैसे करें

जिस समाज में हम रहते हैं, वहाँ भाँति-भाँति  के लोग होते हैं — कुछ अच्छे और कुछ बुरे। मीठी बातें करने वाले सभी लोग आपके हितेषी  हों, यह आवश्यक नहीं। अनुभव बताता है कि हर किसी पर विश्वास करना ठीक नहीं होता। ऐसे में भगवती पीताम्बरा की साधना अत्यंत आवश्यक हो जाती है। चाहे ऐहिक कष्ट हों या पारलौकिक, देश या समाज के दुरूह संकट हों या छुपे हुए शत्रु — उनका नाश केवल भगवती पीताम्बरा के पीले उपचारों द्वारा ही संभव है। “यन्नि तान्त्रमा विष्करोति विद्विषः सेयं पीता वयवः पूज्या।” बगलामुखी उपनिषद् में यह लिखा है और मेरे अनुभव में भी इसकी प्रमाणिकता अनेक बार सिद्ध हुई है। जो साधक भगवती की साधना करता है, उसे कभी पराजय का

और पढ़ें

रूद्रायमल का बगला अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र

नोट – माँ की कृपा विविध होती है – स्तोत्र पाठ ह्रदय की करुण पुकार के रूप में अभिव्यक्त हो तो आध्यात्मिक शक्तियाँ अपनी कृपा प्रदान करती हैं और परामान शीतलशिवरूप द्रवित होती हैं।दुखों-व्याधियों के ह्रदय से करुण पुकार निकली हो तो। शीतला से यज्ञ कर, पाठ न करें कहा गया है – टंटा विघ्न फैलता। ना ही यह हमारा बारम्बार का अनुभव रहा है, बगला शतनाम स्तोत्र में अर्घ्यस्वरूप शक्तियाँ समाहित हुई हैं। || जय माँ बगलामुखी ||

और पढ़ें

माँ के मंदिर हेतु पुण्य दान करें

QR कोड स्कैन करें और दान करें

🙏 धन्यवाद 🙏

आपका यह दान धर्म, भक्ति और सेवा के पवित्र कार्य में सहायक सिद्ध होगा। माँ बगलामुखी आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करें और आपको शक्ति, सफलता व सुरक्षा प्रदान करें।

🔱  जय माँ बगलामुखी  🔱