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Baglatd

डूबा हुआ धन प्राप्त करना

संकल्प दे – अमुक व्यक्ति से हमारा धन (रुका हुआ पैसा वापस दिलाने हेतु मैं भगवती बगलामुख मंत्र सम्पुटित कर्त्यवीर्यार्जुनो मूल मंत्र का दस हजार जप करने का संकल्प कर रहा हूँ

> अनुष्ठान से पूर्व बगला गायत्री १०,००० करे ।

“ॐ ह्ल्रीं ब्रह्मा अस्त्राय विद्महे स्तम्भन ।

वाणायै धीमहि तन्नो बगला प्रचोतयात ।।

कर्त्यवीर्यार्जुनों गायत्री १०,००० करे।

कार्तवीर्याय विद्म्हे महावीर्याय धीमहि तन्नो अर्जुन प्रचोदयात

माला :

 ➢ बगलामुखी मूल मंत्र के लिए हल्दी की माला।
➢ बगला गायत्री मंत्र के लिए रुद्राक्ष की माला।
➢ कार्यसिद्धि याकिणी मंत्र के लिए लाल चंदन की माला।
➢ पंचोपचार पूजन – हल्दी का तिलक।
➢ पीले पुष्पों का हार पहनाएं।
➢ गुगल की धूप, घी का दीपक, बेसन के लड्डू।
➢ 10,000 – 10,000 के चार अनुष्ठान करें।

बगलामुखी मूल मंत्र:

ह्ल्रीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्ल्रीं ॐ स्वाहा॥

कर्त्यवीर्यार्जुनो मंत्र:-

ॐ फ्रों ब्रीं क्लीं भ्रुं आं ह्लीं क्रों श्रीं हुं फट् कार्यसिद्धि याकिण्यै नमः॥

बगलामुखी मूल मंत्र:

ह्ल्रीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्ल्रीं ॐ स्वाहा॥

हवन सामग्री :-

➢ बगलामुखी बीज मंत्र की सामग्री

कर्त्यवीर्यार्जुनो की सामग्री है :-

➢ कमल

➢ कस्तूरी

➢ सफेद चंदन

➢ शक्कर – देशी घी में मिलाकर मैसाने हेतु

|| जय माँ बगलामुखी ||

टी.डी. सिंह जी

नवीनतम अनुभव

बगला गायत्री: माला की प्राण प्रतिष्ठा विधि

हल्दी की माला की प्राण प्रतिष्ठा विधि: प्रारंभिक तैयारी: पंचगव्य निर्माण विधि: उपरोक्त सभी को एक पात्र में मिलाकर अच्छी तरह से मिश्रण करें। फिर इस पंचगव्य में हल्दी की नई माला (या जिस माला को सिद्ध करना हो) डाल दें। मूल मंत्र जप: अब अपने दक्षिण हाथ की अंगुलियों से पात्र को ढककर निम्न मूल मंत्र का 108 बार जप करें: मूल मंत्र: ऊँ ह्ल्रीं बगलामुखि सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पंदं स्तम्भय जिह्वांम् कीलय बुद्धिं विनाशय ह्ल्रीं ऊँ स्वाहा । दूध में स्नान और अभिमंत्रण: अब उस माला को गाय के दूध में डालें और उसी मूलमंत्र से पुनः 108 बार जप करें। इसके बाद, गंगा जल से माला को धोएं — प्रत्येक बार धोते हुए 36 बार मूलमंत्र

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बगलामुखी कल्प विधान

इसमें माँ बगलामुखी का सर्वांग पूजन आगे दी विधि के अनुसार करें। सर्वप्रथम 3 बार मूलमंत्र से प्राणायाम करें बाएं नथुने से धीरे-धीरे सांस खींच कर उसे तब तक रोके रहे जब तक छटपटाहट महसूस न होने लगे फिर इसे दांए नथुने से धीरे-धीरे बाहर छोडे पुनः दांए से खींच कर बाए नथुने से सांस छोड़ें यह एक प्राणायाम हुआ, इस प्रकार तीन बार कर, मूल मंत्र का 108 बार जाप कर, दिग्बन्धन के समय सम्बन्धित दिशा में चुटकी बजाए – दिग्बन्धन – ॐ ऐं ह्ल्रीं श्रीं श्यामा माँ पूर्वतः पातु । ॐ ऐं ह्ल्रीं श्रीं आग्नेय्यां पातु तारिणी ।। ॐ ऐं ह्ल्रीं श्रीं माहविद्या दक्षिणे तु । ॐ ऐं ह्ल्रीं श्रीं नैर्ऋत्यां षोडशी तथा ।। ॐ ऐं ह्ल्रीं श्रीं

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आपका यह दान धर्म, भक्ति और सेवा के पवित्र कार्य में सहायक सिद्ध होगा। माँ बगलामुखी आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करें और आपको शक्ति, सफलता व सुरक्षा प्रदान करें।

🔱  जय माँ बगलामुखी  🔱