SoftBrownModernRipInstagramPost12-ezgif.com-resize
Loading ...
Skip to main content

Baglatd

संतान प्राप्ति हेतु माँ बगलामुखी की कृपा

जब विज्ञान अपनी सीमा पर पहुंच जाता है, वहाँ से अध्यात्म की शक्ति आरंभ होती है। लंदन में रहने वाली 43 वर्षीय एक महिला, जो स्वयं डॉक्टर हैं, वर्षों से संतान सुख से वंचित थीं। सभी चिकित्सीय उपाय असफल हो चुके थे और यह घोषित किया गया था कि वह माँ नहीं बन सकतीं। जब यह केस मेरे पास आया तो मैं जान गया कि इस समस्या का समाधान केवल भगवती पीताम्बरा की कृपा से ही संभव है।

प्रारब्ध को सुधारने की आवश्यकता:

सफलता का पहला चरण था उस महिला के प्रारब्ध को सुधारना। बुरे प्रारब्ध को शुद्ध करने की क्षमता केवल माँ पीताम्बरा के पास है। इसीलिए मैंने ‘बगला गायत्री मंत्र’ का एक लाख जप का संकल्प लिया। बिना गायत्री संध्या के भगवती पीताम्बरा बगला श्रेष्ठ फल नहीं प्रदान करतीं।

मंत्र:

“ॐ ह्ल्रीं ब्रह्मा अस्त्राय विद्महे स्तम्भन । 

वाणायै धीमहि तन्नो बगला प्रचोदयात्।।”

संकल्प:

ॐ तत्सद् परमात्मन मम यजमानस्या पुरातन अनिष्ट प्रारब्ध नष्टार्थे च नव मंगलमय प्रारब्ध निर्माणार्थे श्री बगला गायत्री मंत्र एक लक्ष जपे अहं कुर्वे ।

विनियोगः:

ॐ अस्य श्री बगला गायत्री मन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, गायत्री छन्दः, ब्रह्मास्त्र-बगला देवता, ॐ बीजं, हलीं शक्तिः, विद्यहे कीलकं, श्री ब्रह्मास्त्र बगलाम्बा प्रीत्यर्थे जपे विनियोगः।

ऋष्यादि न्यास:

श्री ब्रह्मर्षये नमः शिरसि, गायत्री छन्दसे नमः मुखे, श्री ब्रह्मास्त्र बगलाम्बा प्रीत्यर्थे जपे विनियोगाय नमः अंजलौ।

कर न्यास:

ॐ ह्रीं ब्रह्मास्त्राय विदमहे अंगुष्ठाभ्यां नमः। स्तम्भन वाणाय धीमहि तर्जनीभ्यां स्वाहा। तन्नो बगला प्रचोदयात् मध्यमाभ्यां वषट्। ॐ हलीं ब्रह्मास्त्राय विदमहे अनामिकाभ्यां हूं। स्तम्भन वाणाय धीमहि कनिष्ठाभ्यां वौषट्। तन्नो बगला प्रचोदयात् करताल करपृष्ठाभ्यां फट्।

अंग न्यास:

ॐ हलीं ब्रह्मास्त्राय विदमहे हृदयाय नमः। स्तम्भन वाणाय धीमहि शिरसे स्वाहा। तन्नो बगला प्रचोदयात् शिखायै वषट्। ॐ हलीं ब्रह्मास्त्राय कवचाय हुं। स्तम्भन वाणाय धीमहि नेत्रत्रयाय वौषट्। तन्नो बगला प्रचोदयात् अस्त्राय फट्।

ध्यान मंत्र:

(प्रातः) गंभीरां च मदोन्मत्तां, स्वर्णकान्तिसमप्रभाम्। चतुर्थजां त्रिनयनां कमलासन संस्थिताम्।। मुद्गरं दक्षिणे पाशं, वामे जिह्वां च विभ्रतीम्। पीताम्बरधरां सौम्यां दृढ़पीन पयोधराम्।।

(दोपहर) दुष्टस्तम्भनमुग्रविघ्नशमनं दारिद्र्यविद्रावणम्। भूभृत्सन्दमनं चलन्मृगदृशां चेतः समाकर्षणम्। सौभाग्यैकनिकेतनं समदृश कारुण्यपूर्वेक्षणम्। मृत्योर्मारणमाविरस्तु पुरतो मातस्त्वदीयं वपुः।।

(सायं) मातर्भञ्जय मद्विपक्षवदनं जिह्वां च संकीलय। ब्राह्म मुद्रय दैत्यदेवधिषणामुग्रां गतिं स्तम्भय। शत्रूंश्चूर्णय देवि तीक्ष्णगदया गौरांगि पीताम्बरे। विघ्नौघं बगले हर प्रणमतां कारुण्यपूर्णेक्षणे।।

बगला हृदय मंत्र (80 अक्षरी):

|| आं हलीं क्रों ग्लौं हूं ऐं क्लीं श्रीं ह्रीं वगलामुखि आवेशय आवेशय आं हलीं क्रों ब्रह्मास्त्ररुपिणि एहि एहि आं हलीं क्रों मम हृदये आवाहय आवाहय सान्निध्यं कुरु कुरु आं हलीं क्रों ममैव ह्रदये चिरं तिष्ठ तिष्ठ आं हलीं क्रीं हुं फट् स्वाहा ||

महत्वपूर्ण: यह मंत्र अत्यंत चमत्कारी है। इसे सिद्ध कर केवल तीन बार अभिमंत्रित जल पिलाने से रोगी रोग मुक्त हो जाता है।

परिणाम: मंत्र जप और प्रार्थना के पूर्ण होते ही उस महिला के जीवन में चमत्कार घटित हुआ। वह गर्भवती हुई और कुछ समय पश्चात उसने जुड़वा पुत्रों को जन्म दिया। यह माँ बगलामुखी की कृपा का स्पष्ट प्रमाण है।

समापन: जो कार्य संसार के किसी भी उपाय से संभव न हो पाए, वह भगवती बगलामुखी की कृपा से संभव हो जाता है। श्रद्धा, निष्ठा, और संकल्प के साथ किया गया साधना-क्रम निश्चित रूप से शुभ फल प्रदान करता है।

|| जय माँ बगलामुखी ||

टी.डी. सिंह जी

नवीनतम अनुभव

माँ बगलामुखी के शाबर  मंत्र

माँ बगलामुखी के शाबर  मंत्र :- नीचे दिए गए शाबर  मंत्रो को प्रयोग करने से पहले गुरु आज्ञा लेना अत्यंत ही आवश्यक  है। शाबर सिद्ध करने की कुन्जी (फिर शाम को एक माले का हवन करें। गुगल तोड़ कर 108 टुकड़े गिनले घी में डुवो कर मंत्र के आगे स्वाहः बोल कर एक एक आहुति डालते हैं। घी में डुबोकर”) (रात्रि में शाबर करने से पहले इसकी एक माला जप कर दें।)मंत्र – “गुरु सठ गुरु सठ गुरु हे वीर गुरु साहिब सुमरो बड़ी भात सिंगी तोरो मन कहूं मन नाऊ करता सकल गुरु की हर भजे घटघट्टा पाकर उठ जाग चेत सम्हार श्री परमहंस की। मंत्र – “ॐ ग्राम ग्रीम ग्रुम (अमुक) दुष्टस्य मुखय स्तम्भय स्तम्भय जिव्हा कीलय कीलय

और पढ़ें

माँ बगलामुखी के शाबर  मंत्र

माँ बगलामुखी के शाबर  मंत्र :- नीचे दिए गए शाबर  मंत्रो को प्रयोग करने से पहले गुरु आज्ञा लेना अत्यंत ही आवश्यक  है। शाबर सिद्ध करने की कुन्जी (फिर शाम को एक माले का हवन करें। गुगल तोड़ कर 108 टुकड़े गिनले घी में डुवो कर मंत्र के आगे स्वाहः बोल कर एक एक आहुति डालते हैं। घी में डुबोकर”) (रात्रि में शाबर करने से पहले इसकी एक माला जप कर दें।)मंत्र – “गुरु सठ गुरु सठ गुरु हे वीर गुरु साहिब सुमरो बड़ी भात सिंगी तोरो मन कहूं मन नाऊ करता सकल गुरु की हर भजे घटघट्टा पाकर उठ जाग चेत सम्हार श्री परमहंस की। मंत्र – “ॐ ग्राम ग्रीम ग्रुम (अमुक) दुष्टस्य मुखय स्तम्भय स्तम्भय जिव्हा कीलय कीलय

और पढ़ें

माँ के मंदिर हेतु पुण्य दान करें

QR कोड स्कैन करें और दान करें

🙏 धन्यवाद 🙏

आपका यह दान धर्म, भक्ति और सेवा के पवित्र कार्य में सहायक सिद्ध होगा। माँ बगलामुखी आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करें और आपको शक्ति, सफलता व सुरक्षा प्रदान करें।

🔱  जय माँ बगलामुखी  🔱